गया की पवित्र धरती पर आस्था, संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विष्णुपद मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन अवसर पर भव्य जागरण का आयोजन हुआ, जिसने पूरी रात वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय माहौल में हुआ। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव और विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विट्ठल ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद भक्ति संगीत का सिलसिला आरंभ हुआ, जो देर रात तक श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करता रहा।
मुंबई से आईं रीनी चंद्रा ने अपने मधुर भजनों से समां बांध दिया। “घर में पधारो गजानंद” और “राम जी आए हैं” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति पर पूरा परिसर झूम उठा। उनकी भावपूर्ण गायकी ने श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबो दिया—कई लोग भजनों में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते नजर आए।
यह जागरण संध्या 7 बजे से शुरू होकर प्रातः 4 बजे तक चला। पूरी रात मंदिर परिसर में भक्ति की गूंज सुनाई देती रही। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव किया।
आयोजन समिति के अनुसार, महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश फैलाना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय प्रशासन और समिति के सदस्यों की अहम भूमिका रही। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन सुव्यवस्थित और सफल रहा।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
गया में भक्ति और संगीत का संगम, जागरण ने मोहा मन
भक्ति, संगीत और आस्था का संगम—विष्णुपद में रातभर गूंजे भजन”
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