NEWS PR डेस्क: पटना, 02 मई 2026 मुख्यमंत्री सम्राट चौघरी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में पटना मेट्रो, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप योजना तथा जे०पी० गंगा पथ समग्र उद्यान (फेज-1) परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा हुयी। इस बैठक में पटना मेट्रो रेल परियोजना और राज्य में प्रस्तावित नए टाउनशिप की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग श्री विनय कुमार ने इसके संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। प्रधान सचिव ने पटना मेट्रो के क्रियान्वयन में आ रही विभिन्न व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
उन्होंने विभिन्न कारणों से परियोजना की लागत में हो रही वृद्धि और कार्य में होनेवाले विलंब के तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट किया। राज्य में शहरीकरण को बढावा देने के लिए प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप के निर्माण की प्रगति तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई। बैठक में एक वैकल्पिक और आधुनिक परिवहन प्रणाली के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। प्रधान सचिव ने पटना एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पर प्रस्तुतीकरण दिया। यह सिस्टम एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुगम और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंदर ही पूर्ण करें। निर्माण कार्य में जो भी मेट्रो निर्माण में जो भी कठिनाइंया हैं उसे जल्द दूर करें। उन्होंने कहा कि मेट्रो निर्माण कार्यों में तेजी लाएं और जल्द पूर्ण करें ताकि आम जनता को आवागमन में सुविधा हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शहरीकरण को बढावा देने के लिए प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप के निर्माण की योजना बनाई गई है। इन टाउनशिप के विकास के लिए तेजी से कार्य करें। परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का जो खाका पेश किया गया है उस पर चरणबद्ध ढंग से काम करें। उन्होंने कहा कि पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम उपयोगी प्रणाली साबित होगा। यह एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुगम और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगा।
समीक्षा बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने जे०पी० गंगा पथ समग्र उद्यान (फेज-1), पटना रिवर विकास के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। यह परियोजना दीघा से सभ्यता द्वार (गांधी मैदान) तक 6 कि०मी० लंबाई की होगी। 25 सितंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पार्किंग,
उद्यान, पैदल पथ, साइकिल ट्रैक, 6 खेल मैदान, महिला हाट एवं शहरी समूह आदि इस परियोजना में शामिल हैं। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अच्छी है। पर्यावरण के अनुकूल रखते हुए इसे ससमय योजनाबद्ध ढंग से पूर्ण करें। पार्किंग व्यवस्था और खेल मैदान सहित अन्य अवयवों का इस ढंग से निर्माण करें कि लोग इसका सुगमता से लाभ उठा सकें।
समीक्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के तहत निर्माण किए जानेवाले विभिन्न अवयवों का जे०पी० गंगापथ पर जाकर इसका स्थल निरीक्षण किया। इस क्रम में दीघा, एल०सी०टी० घाट, बांस घाट पर रुककर जे०पी० गंगा पथ समग्र उद्यान के तहत किए जानेवाले विकास कार्यों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सौंदर्याकरण और विकास कार्य इस ढंग से कराएं कि लोगों को सुरक्षित भी रहें और आनंद भी उठा सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त श्री अनिमेष पराशर, नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा, पटना के जिलाधिकारी डॉ० त्याग राजन एस०एम० सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।