सुपौल: जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत थुमहा पंचायत के बेलौखरा वार्ड संख्या-4 स्थित सोनाइ बाबा मंदिर परिसर में बुधवार को ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’ अभियान के तहत ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय लिए गए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में नशा बेचते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा, जबकि नशे का सेवन करने वालों पर 5100 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एक ‘नशा मुक्ति निगरानी कमेटी’ का गठन भी किया गया।
युवाओं को बचाने के लिए ग्रामीणों ने उठाया बड़ा कदम
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है। इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है और कई परिवार आर्थिक एवं सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का मानना था कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसी सोच के साथ पूरे गांव ने सामूहिक रूप से नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
स्मैक और मादक पदार्थों के बढ़ते चलन पर जताई चिंता
बैठक को संबोधित करते हुए समाजसेवियों ने कहा कि स्मैक, प्रतिबंधित इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण युवा अपराध की ओर आकर्षित हो रहे हैं और परिवारों का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाली पीढ़ी गंभीर संकट में पड़ सकती है। इसलिए हर परिवार को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की आवश्यकता है।
निगरानी कमेटी रखेगी नजर, ग्रामीणों ने लिया संकल्प
अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने ‘नशा मुक्ति निगरानी कमेटी’ का गठन किया, जो गांव में नशा बेचने और सेवन करने वालों पर नजर रखेगी तथा सूचना मिलने पर सामुदायिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। बैठक के अंत में सभी ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान फुलेश्वर मंडल, राहुल मंडल, कमल किशोर मंडल, रमेश मंडल, कपिलेश्वर मंडल, लालदास मंडल, रमन कुमार, मन्नु कुमार, सुभाष मंडल, अर्जुन शर्मा, चंदू कुमार, भोला मंडल, अनुपलाल मंडल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सुपौल से रिपोर्टर अल्ताफ राजा