औरंगाबाद सदर अस्पताल में सिस्टम की लापरवाही उजागर, दिव्यांगों में आक्रोश

योजना बनी, लेकिन व्यवस्था फेल—औरंगाबाद में दिव्यांगों को फिर मिली निराशा

Rashmi Tiwari
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बिहार के औरंगाबाद स्थित सदर अस्पताल में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित विशेष यूआईडी कार्ड कैंप अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर लगाए गए इस शिविर में दूर-दराज से बड़ी संख्या में दिव्यांग और उनके परिजन पहुंचे, लेकिन व्यवस्था की कमी के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ा।
अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया
जानकारी के अनुसार, दिव्यांगजनों के यूआईडी कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाने का आदेश जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को भेजा गया था। इसकी सूचना संबंधित लाभार्थियों को भी दी गई थी, जिसके बाद लोग सुबह से ही भीषण गर्मी में अस्पताल पहुंच गए लेकिन निर्धारित महिला चिकित्सक के अनुपस्थित रहने के कारण न तो जांच हो सकी और न ही यूआईडी कार्ड बन पाए। ऐसी स्थिति में दिव्यांगजन और उनके परिजनों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि वे कई किलोमीटर दूर से आए थे, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह से फेल रही।
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. रवि रंजन मौके पर पहुंचे
मामले की सूचना मिलने पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. रवि रंजन मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान सिविल सर्जन कार्यालय से जानकारी मिली कि संबंधित महिला चिकित्सक को कैंप की सूचना भेजी गई थी, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। हालांकि चिकित्सक ने ऐसी किसी सूचना से अनभिज्ञता जताई।
15 मई को पुनः कैंप आयोजित किया जाएगा
प्रभारी सीएस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ के अनुपस्थित रहने के कारण कार्य प्रभावित हुआ, और जिन दिव्यांगों का यूआईडी कार्ड नहीं बन सका है, उनके लिए 15 मई को पुनः कैंप आयोजित किया जाएगा। इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी गर्मी में दूर-दराज से आए दिव्यांगों को बिना सुविधा के लौटना पड़ा, जिससे सिस्टम की लापरवाही स्पष्ट दिखाई देती है।
औरंगाबाद से रूपेश पत्रकार की रिपोर्ट

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