औरंगाबाद में एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार साइकिल से व्यवहार न्यायालय पहुंचे। उनका यह कदम आम लोगों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रधान जिला जज अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से साइकिल चलाते हुए पुरानी जीटी रोड और समाहरणालय के मुख्य द्वार से होते हुए लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय कर कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनके अंगरक्षक भी साइकिल से ही मौजूद रहे।

ईंधन बचत का दिया संदेश
जज राजीव रंजन कुमार ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की बचत करने की बात कही गई है।उन्होंने संदेश दिया कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल आम जनता की नहीं, बल्कि सभी जिम्मेदार नागरिकों की है, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
साइकिल यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। लोग इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश बता रहे हैं।प्रधान जिला जज की इस पहल को लेकर Aurangabad में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद करती है। कोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने सामान्य दिनों की तरह अपने कार्यों की शुरुआत की और न्यायिक कार्य में जुट गए।
औरंगाबाद से रूपेश पत्रकार की रिपोर्ट