PM मोदी की ईंधन संरक्षण अपील का असर: बिहार के तीन मंत्री एक ही गाड़ी से पहुंचे महुआ

ईंधन बचत और मितव्ययिता का संदेश देते हुए बिहार के मंत्रियों ने पेश की एकजुटता की मिसाल

Rashmi Tiwari

पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ईंधन संरक्षण” अपील का असर साफ तौर पर देखने को मिला। वैश्विक ऊर्जा संकट और वेस्ट एशिया में तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर दिए गए प्रधानमंत्री के संदेश के बाद बिहार सरकार के तीन मंत्रियों ने एक अनूठी पहल कर उदाहरण पेश किया।
बिहार सरकार के तीन प्रमुख मंत्री—संजय सिंह (मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग – PHED) , (मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग), और लखेंद्र पासवान (मंत्री, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग)—वैशाली के महुआ में आयोजित कार्यक्रम में एक ही सरकारी वाहन से पहुंचे। आमतौर पर अलग-अलग काफिलों में चलने वाले ये मंत्री इस बार ‘कार पूलिंग’ के जरिए साथ यात्रा करते नजर आए।मंत्रियों की इस पहल का उद्देश्य सरकारी संसाधनों की बचत और जनता को ईंधन संरक्षण के लिए प्रेरित करना बताया गया। इस कदम को प्रधानमंत्री के आह्वान के प्रति समर्थन और देशहित में एक प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।


देशहित में सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
महुआ प्रस्थान के समय मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देशहित में ईंधन के संयमपूर्ण उपयोग की जो अपील की है, उसे लागू करना हम सभी का कर्तव्य है। आज हम तीनों मंत्रियों ने एक ही गाड़ी से महुआ जाने का निर्णय लिया है ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा संसाधनों की बचत में हम अपना छोटा सा योगदान दे सकें। बिहार सरकार प्रधानमंत्री के ‘ईंधन संरक्षण’ मिशन के साथ मजबूती से खड़ी है।

प्रधानमंत्री की अपील को लागू करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक ही वाहन से यात्रा कर उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा संसाधनों की बचत का संदेश देने की कोशिश की है।सरकारी खर्च में कटौती और मितव्ययिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई इस पहल की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सराहना हो रही है। माना जा रहा है कि इस तरह के कदम आम नागरिकों को भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।
चौतरफा प्रशंसा
बता दें कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती करना और आम जनता को भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करना है। वहीं बिहार सरकार के इन मंत्रियों की इस अनूठी पहल की चौतरफा प्रशंसा हो रही है। इस कदम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता के गलियारों से निकला यह संदेश आम नागरिक को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा।

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