बिहार में हर शुक्रवार होगा ‘No Vehicle Day’, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 15 मई 2026 : पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और सादगीपूर्ण जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में मधुबनी जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री बिहार के निर्देशों के आलोक में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले में प्रत्येक शुक्रवार को “No Vehicle Day” मनाने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में सभी जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों, बढ़ते प्रदूषण, ईंधन की अत्यधिक खपत और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाना आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक शुक्रवार को यथासंभव बिना मोटर वाहन के कार्यालय आने-जाने की परंपरा विकसित की जाएगी। अधिकारी एवं कर्मी पैदल, साइकिल अथवा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल विशेष परिस्थितियों, विधि-व्यवस्था संधारण अथवा अत्यंत आवश्यक सरकारी कार्यों के निष्पादन के लिए ही सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश है।

डीएम आनंद शर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेगा तो आमजन में भी सकारात्मक संदेश जाएगा और समाज में स्वास्थ्य, सादगी तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को भी प्रत्येक शुक्रवार “No Vehicle Day” मनाने के लिए प्रेरित करें।

जिला प्रशासन का मानना है कि सप्ताह में एक दिन निजी वाहनों का सीमित उपयोग करने से ईंधन की बचत होगी, वायु प्रदूषण में कमी आएगी तथा लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। साथ ही समाज में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़े सामाजिक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में एक दिन निजी वाहन का उपयोग कम करे तो हजारों लीटर ईंधन की बचत संभव है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन के रूप में अपनाएं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारी संगठनों और युवा समूहों से भी इस अभियान से जुड़कर मधुबनी को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल जिला बनाने में भागीदारी निभाने की अपील की गई है।

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