मुजफ्फरपुर में बड़ा साइबर खुलासा: AI से राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री का डीपफेक वीडियो बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार

Puja Srivastav
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWSPR डेस्क। मुजफ्फरपुर से एक गंभीर और चौंकाने वाला साइबर अपराध सामने आया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के दुरुपयोग से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों को निशाना बनाया गया। मुजफ्फरपुर पुलिस ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की फर्जी आवाज, नाम और वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बीते 2 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एआई तकनीक के जरिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नकली आवाज और वीडियो क्लिप तैयार की गई थी। इस भ्रामक वीडियो का उद्देश्य आम लोगों के बीच भ्रम फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे राष्ट्रविरोधी भावनाओं को भड़काने की साजिश करार दिया।

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), मुजफ्फरपुर के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेस के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रमोद कुमार राज (पिता– नागेन्द्र सहनी) को गिरफ्तार किया। आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के भगवानपुर का निवासी है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल फर्जी डिजिटल कंटेंट बनाने और उसे वायरल करने में किया गया था। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 01/26 दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रमोद कुमार राज पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज के लिए काम कर चुका है और बोचहां क्षेत्र में इंटरनेट मीडिया प्रभारी की भूमिका निभा चुका था। वह युवाओं को सोशल मीडिया से कमाई के तरीकों का प्रशिक्षण भी देता था। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article