कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने ‘बिहार कृषि ऐप’ को लेकर की बड़ी समीक्षा बैठक, 80 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल खेती की ओर बिहार का बड़ा कदम, गांव-गांव तैयार होंगे ‘डिजिटल कृषि योद्धा

Rashmi Tiwari
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बिहार में खेती को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कृषि भवन में ‘बिहार कृषि ऐप’ को लेकर व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के बीच ऐप की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल प्रशिक्षण और ग्रामीण स्तर पर तकनीकी जागरूकता मजबूत करने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि साक्षरता को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को “बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा” के रूप में पहचान दी जाएगी, जो गांव-गांव जाकर अन्य किसानों को ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। बेहतर कार्य करने वाले इन युवाओं को विभाग की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।

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विजय सिन्हा ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब ‘बिहार कृषि ऐप’ हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सर्वाधिक किसान पंजीकरण कराने वाले शीर्ष 5 जिलों, 5 प्रखंडों और 5 पंचायतों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागीय कर्मियों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे।
किसानों को ऐप की विस्तृत जानकारी दी जाएगी
किसानों तक ऐप की जानकारी पहुंचाने के लिए राज्यभर के कृषि कार्यालयों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे। वहीं बामेती के माध्यम से आयोजित सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किसानों को ऐप की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि ऐप में ‘गरमा फसल’ की जगह ‘ग्रीष्मकालीन फसल’ शब्द का उपयोग किया जाए और रबी व खरीफ फसलों से जुड़ी जानकारियां भी जोड़ी जाएं।
19 मई 2025 को बिहार कृषि ऐप की शुरुआत की गई थी
कृषि मंत्री ने बताया कि नीतीश कुमार के साथ 19 मई 2025 को बिहार कृषि ऐप की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में इस ऐप पर करीब 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं, जबकि वर्ष के अंत तक 80 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। ऐप के जरिए किसानों को उर्वरक उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी, सरकारी योजनाओं के लिए सिंगल विंडो सुविधा, किसान पासबुक, बाजार मूल्य, मौसम अलर्ट, पौधा संरक्षण सलाह, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआई आधारित चैटबॉट और बिहार कृषि रेडियो जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाने और मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर किसान को डिजिटल क्रांति से जोड़ना है। बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव बीरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव और उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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