वट सावित्री पूजा के दिन औरंगाबाद जिले के ओबरा मंदिर परिसर से लापता हुए 4 वर्षीय मासूम को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पूरे ऑपरेशन का खुलासा विकास वैभव ने गया स्थित मगध रेंज कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।

आईजी ने बताया कि बच्चा पूजा के दौरान अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत विशेष जांच टीम का गठन किया। शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक महिला बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाती दिखाई दी।जांच के दौरान पुलिस को महिला की गतिविधियां एएन रोड स्टेशन के आसपास भी दिखाई दीं, लेकिन स्पष्ट फुटेज नहीं मिलने से जांच चुनौतीपूर्ण हो गई थी। इसके बाद मगध क्षेत्र के आसपास के सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई।
गया एसएसपी और औरंगाबाद एसपी के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की गई
आखिरकार गया जंक्शन के फुटेज में महिला बच्चे के साथ नजर आई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी तेज कर दी।मामले के उद्भेदन के लिए गठित विशेष टीम का नेतृत्व दाउदनगर एसडीपीओ कर रहे थे। वहीं गया एसएसपी और औरंगाबाद एसपी के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की गई।

पुलिस ने आखिरकार डेल्हा थाना क्षेत्र के डेल्हा ब्रिज इलाके से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में रंजू देवी नामक महिला को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि वह इस तरह के अन्य मामलों में भी शामिल रही है या नहीं। आईजी विकास वैभव ने कहा कि बच्चों के लापता होने से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इस केस को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही उन्होंने पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए इसे चुनौतीपूर्ण लेकिन सफल ऑपरेशन बताया।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट