NEWS PR डेस्क: पटना, 22 मई। बिहार सरकार ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार से जुड़ी अधिसूचना जारी की। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, 1992 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को महा-निदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के पद से स्थानांतरित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर तैनात किया गया है। उन्हें मुख्य जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वहीं 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी को अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
एक अन्य आदेश में 1995 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. बी. राजेंद्र को निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। फिलहाल वह सामान्य प्रशासन विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

2004 बैच के आईएएस अधिकारी कुंदन कुमार को गृह विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह वर्तमान में उद्योग विभाग के सचिव हैं। इसके अलावा वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भी अहम बदलाव किए गए हैं। बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक इनायत खान को भी इसी विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा को उद्योग विभाग में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने 2013 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थापित किया है।
बिहार सरकार द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।