NEWS PR डेस्क: मुजफ्फरपुर, 12 जुलाई। उत्तर बिहार के विकास को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुजफ्फरपुर के एमआईटी (MIT) परिसर से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। करीब 1047 करोड़ रुपये की लागत से 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर बिहार को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने शहरवासियों को एक और बड़ी सौगात देते हुए सिकंदरपुर मरीन ड्राइव लेक-1, लेक-2 और लेक-3 का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि पटना की तर्ज पर विकसित यह मरीन ड्राइव मुजफ्फरपुर की पहचान बनेगा और शहर के यातायात, पर्यटन तथा सौंदर्यीकरण को नई दिशा देगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबे समय से प्रतीक्षित पताही एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के विकास कार्यों का शिलान्यास अगले 10 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि रक्सौल एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एमआईटी परिसर में आर्किटेक्चर एवं सिविल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराएगा और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन 982 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, उनमें शहरी विकास, सड़क निर्माण, पेयजल, आधारभूत संरचना, जनसुविधाओं और नगर विकास विभाग की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर बिहार को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करना है, ताकि यहां के लोगों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं को उत्तर बिहार के लिए विकास के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। विशेष रूप से पताही एयरपोर्ट, मरीन ड्राइव और नए विश्वविद्यालय की स्थापना से मुजफ्फरपुर की आर्थिक, शैक्षणिक और आधारभूत संरचना को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
