थावे मंदिर विकास कार्य में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

थावे मंदिर विकास में सुस्ती पड़ी भारी, मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन

Rashmi Tiwari

बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोपालगंज जिलांतर्गत थावे दुर्गा मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान आज एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है । बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य योजना के तहत चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की बेहद धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की । समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने पाया कि प्रशासनिक स्वीकृति की समय-सीमा बीत जाने जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य अत्यंत असंतोषजनक है । इस घोर लापरवाही को देखते हुए मुख्य सचिव ने मौके पर ही कड़े कड़े कदम उठाने के निर्देश जारी किए।

• इंजीनियरों की सेवा वापस करने का निर्देश: मुख्य सचिव ने परियोजना की मॉनिटरिंग में विफल और शिथिलता बरतने वाले जिम्मेदार कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) एवं सहायक अभियंता (Assistant Engineer) की सेवा तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग को वापस करने का निर्देश दिया है।
• संवेदक को अंतिम चेतावनी: कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार को मुख्य सचिव ने काम में तुरंत सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है । उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मैनपावर बढ़ाकर प्रगति नहीं दिखाई गई, तो न केवल करारनामा रद्द किया जाएगा बल्कि संवेदी को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
• तीन माह में हर हाल में कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम: मुख्य सचिव ने कड़ा निर्देश दिया है कि मंदिर परिसर के सभी बचे हुए निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगामी तीन महीनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लिया जाए ।

बैठक में ‘थावे मंदिर परिसर का विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य’ के विभिन्न घटकों की भौतिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई:

• कुल स्वीकृत राशि: इस पूरी परियोजना के लिए ₹2,897.00 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसमें से ₹2,416.59 लाख की राशि का इकरारनामा हुआ है ।
• दुकानों का निर्माण: परिसर में स्थानीय दुकानदारों के लिए कुल 200 दुकानों का प्रावधान है । इसमें से 113 दुकानों का कार्य 100% पूरा हो चुका है, जबकि 28 अन्य दुकानों का कार्य 65% तक पहुंचा है ।
• तालाब और जनसुविधाएं: तालाब के विकास का कार्य 50% और जनसुविधाओं (Public Amenities) का कार्य 95% पूरा हो चुका है । वर्तमान में तालाब में फाउंटेन, रिटेनिंग वॉल और स्टेप सिटिंग में ग्रेनाइट लगाने का काम चल रहा है ।
• चिल्ड्रेन पार्क व अन्य बुनियादी कार्य: चिल्ड्रेन पार्क का काम केवल 50% पर अटका है । इसके अलावा पैदल पार पथ मात्र 20% और लेजर लाइट एवं साउंड शो का काम महज 15% ही पूरा हो पाया है ।
• बाह्य विद्युतीकरण शून्य: मुख्य सचिव ने इस बात पर बेहद कड़ा रुख अपनाया कि बाह्य विद्युतीकरण का कार्य अब तक 0% (शून्य) है, जिसे तुरंत शुरू करने का आदेश दिया गया ।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अंत में कहा कि थावे मंदिर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है और इसके विकास कार्य में किसी भी प्रकार की लेत-लतीफी या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटन विभाग के वरीय अधिकारी स्वयं इस स्थल के कार्यों की साप्ताहिक निगरानी करेंगे। मुख्य सचिव स्वयं भी स्थल का निरीक्षण करने शीघ्र जाएंगे |

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