NEWS PR डेस्क: पटना, 30 मई। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। भवन खाली करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद पूरे वीवीआईपी इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम के आवास पहुंचते ही वहां मौजूद आरजेडी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। हालांकि स्थिति को संवेदनशील देखते हुए राबड़ी देवी ने खुद हस्तक्षेप किया और एसडीपीओ अनु कुमारी को बातचीत के लिए अंदर बुला लिया। इसके बाद प्रशासन और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच बंद कमरे में चर्चा शुरू हुई।
बंगला खाली करने से किया था इनकार
दरअसल, सरकारी बंगला खाली करने को लेकर राबड़ी देवी पहले ही सख्त रुख अपना चुकी हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा था कि वे किसी भी परिस्थिति में 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि अगर सरकार को बंगला चाहिए तो बल प्रयोग कर खाली करवा ले।
राबड़ी देवी के इसी बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिस और तय समयसीमा के बीच प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है।
लालू यादव विदेश में, पटना में बढ़ी हलचल
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य जांच के सिलसिले में सिंगापुर गए हुए हैं। इधर पुलिस की तैनाती की खबर फैलते ही आरजेडी के कई विधायक, नेता और समर्थक 10 सर्कुलर रोड की ओर पहुंचने लगे।
टकराव टालने की कोशिश में प्रशासन
आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन की प्राथमिकता इस पूरे मामले को बिना बल प्रयोग और कानूनी प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की है। हालांकि राबड़ी देवी और सरकार दोनों के कड़े रुख के कारण राजनीतिक गतिरोध गहराता नजर आ रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।