NEWS PR डेस्क: पटना, 14 जुलाई। पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या के पीछे अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद को मुख्य वजह बताया है।
जांच के दौरान 7 जुलाई को पुलिस ने रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और रवि कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोरलेन के नीचे खेत से मिट्टी में दबा बंटी यादव का शव बरामद हुआ।
जांच आगे बढ़ने पर सोमवार को पुलिस ने रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित रविश कुमार उर्फ बीसी का मोनी किन्नर के साथ संबंध था। दोनों उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए अवैध शराब लाकर पटना में उसकी बिक्री करते थे। इसी अवैध कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर बंटी यादव और रविश कुमार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते रविश कुमार उर्फ बीसी, शंकर कुमार, रौशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, मोनी किन्नर, सूरज, बजरंगी कुमार और रवि कुमार ने मिलकर बंटी यादव के अपहरण की साजिश रची। अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव को अथमलगोला थाना क्षेत्र में फोरलेन किनारे एक खेत में बालू और मिट्टी से ढककर छिपा दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले के मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क और अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
