NEWS PR डेस्क: मई महीने के समाप्त होने के साथ ही 1 जून से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और उपभोक्ता संबंधी बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर आम लोगों की जेब, घरेलू बजट, बैंकिंग सेवाओं, वाहन खरीद और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है।
हर महीने की तरह जून की पहली तारीख को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जाएंगे। यदि कीमतों में बदलाव होता है तो इसका सीधा असर घरेलू रसोई के खर्च पर पड़ेगा।
इसके साथ ही सरकार ने एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को लेकर भी सख्ती दिखाई है। जिन घरों में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, वहां एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है जिन्होंने पीएनजी लेने के बाद भी एलपीजी कनेक्शन बंद नहीं कराया है।

वहीं, 1 जून से पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर नए शुल्क लागू होंगे। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा एटीएफ की कीमतों में मासिक संशोधन भी किया जाएगा, जिसका असर हवाई यात्रा की लागत पर पड़ सकता है।
बैंकिंग क्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिलेगा। एचडीएफसी बैंक 1 जून से अपने कुछ खातों से जुड़े नियमों में संशोधन करने जा रहा है। नए नियमों के तहत छोटे मूल्य के नोट और सिक्कों के नकद जमा पर मासिक सीमा तय की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक जमा करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैंक का कहना है कि यह व्यवस्था नकदी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। 1 जून से सोलर पैनल और सोलर सेल के लिए अप्रूव्ड मॉडल एंड मैन्युफैक्चरर्स लिस्ट (एएलएमएम) के नए प्रावधान प्रभावी होंगे। सरकारी योजनाओं और सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में केवल सूचीबद्ध उत्पादों का ही उपयोग किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सोलर उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने कई मॉडलों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है। नई दरें 1 जून से लागू होंगी। कंपनी के अनुसार विभिन्न मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जिससे नई कार खरीदने वाले ग्राहकों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर जून महीने की शुरुआत कई नए नियमों और बदलावों के साथ होने जा रही है, जिनका असर आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योग जगत तक पर देखने को मिल सकता है।