NEWS PR डेस्क: पटना, 01 जून। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3 के तहत संचालित “सबका सम्मान-जीवन आसान” अभियान को पटना जिला प्रशासन द्वारा लगातार जमीन पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी पटना ने समाहरणालय में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला प्रशासन के अनुसार जिलाधिकारी ने समाहरणालय परिसर में कुल 63 लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी शिकायतों और समस्याओं का निस्तारण कराया। वहीं जिला के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी अधिकारियों द्वारा आमजन से मिलकर समस्याओं के समाधान की कार्रवाई की गई।
सप्ताह में दो दिन सुनवाई की व्यवस्था
सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोगों की शिकायतें सुनी जा रही हैं। निर्धारित समयावधि में लोग सीधे संबंधित पदाधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याएं रख रहे हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को सरकारी कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र सजग और सक्रिय है।
सहयोग शिविरों के जरिए गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
मुख्यमंत्री की घोषणा के आलोक में पटना जिला प्रशासन द्वारा “सबका सम्मान, जीवन आसान” संकल्प को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने बताया कि 19 मई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की 41 ग्राम पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है तथा 30 दिनों के भीतर आवेदकों को लिखित रूप से सूचना देने की व्यवस्था की गई है।
अब नगर निकायों के वार्डों में भी लगेंगे कैंप
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि सरकार के निर्देशानुसार अब सहयोग शिविरों का विस्तार नगर निकायों के वार्डों तक भी किया जाएगा। इसके तहत आगामी 2 जून को जिले की 41 अन्य ग्राम पंचायतों और 17 नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
वरीय अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
शिविरों के सफल संचालन और शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए जिला स्तर से वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिविरों की नियमित निगरानी और अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से राहत दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही तेजी से करना है।