बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 40 हजार की रिश्वत लेते स्वास्थ्य विभाग के AD गिरफ्तार

निगरानी ब्यूरो की ट्रैप कार्रवाई में तिरहुत प्रमंडल के अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए

Rashmi Tiwari

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तिरहुत प्रमंडल के अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अजय कुमार को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग समेत पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी टीम ने विशेष रणनीति के तहत ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई।
रंगे हाथों गिरफ्तारी
योजना के तहत शिकायतकर्ता को तय राशि के साथ आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया। जैसे ही डॉ. अजय कुमार ने 40 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।


पूछताछ और जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। निगरानी ब्यूरो यह पता लगाने में जुटा है कि रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी शामिल है।सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आरोपी अधिकारी के कार्यालय और अन्य संभावित ठिकानों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर सकती हैं, जिससे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
भ्रष्टाचार पर सरकार का सख्त रुख
बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की बात करती रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। राज्य में इस कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और तेज होने की उम्मीद है।

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