भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बहाल करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे बेली ब्रिजों में से पहले 49 मीटर लंबे बेली ब्रिज का सफल ट्रायल पूरा कर लिया गया है। परीक्षण के दौरान ढाई टन वजनी स्कॉर्पियो वाहन को पुल से गुजारा गया, जिसे सीमा सड़क संगठन ने पूरी तरह सफल बताया है।

स्कॉर्पियो वाहन के साथ हुआ सफल परीक्षण
देर रात किए गए ट्रायल के दौरान अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में वाहन को बेली ब्रिज से पार कराया गया। परीक्षण के बाद इंजीनियरों ने पुल की मजबूती और स्थिरता का आकलन किया। BRO के अधिकारियों ने इसे सफल बताते हुए अगले चरण की तैयारियां तेज कर दी हैं।
4 मई को क्षतिग्रस्त हुआ था सेतु का स्लैब
गौरतलब है कि 4 मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था। इस घटना के बाद भागलपुर को सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर यातायात बाधित हो गया था, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिन-रात जारी है निर्माण कार्य
पुल को जल्द से जल्द चालू करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग की टीमें लगातार युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से पर कुल चार बेली ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं, ताकि यातायात को सुरक्षित तरीके से बहाल किया जा सके। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार शेष बेली ब्रिजों का ट्रायल भी अगले एक से दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। सभी तकनीकी परीक्षण सफल रहने के बाद पुल को आम वाहनों के लिए खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
7 जून तक छोटे वाहनों की आवाजाही संभव
अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी ट्रायल सफल रहते हैं तो 7 जून तक विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के माध्यम से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। इससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन सामान्य होने लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट