NEWS PR डेस्क: पटना, 05 जून। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना बनाई है। इसके तहत करीब 26 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी चल रही है।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रस्तावित भर्ती में लगभग 6,600 सहायक प्राध्यापकों (लेक्चरर) के साथ 11 हजार से अधिक गैर-शैक्षणिक कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।

इसके अलावा सरकार राज्यभर में 211 नए डिग्री कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इन नए संस्थानों के संचालन के लिए करीब 9,300 शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिनकी नियुक्ति अलग से की जाएगी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, बिहार के 13 विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। वर्तमान में कॉलेज शिक्षकों के कुल 12,411 स्वीकृत पदों में से केवल 5,800 पर ही कार्यरत शिक्षक हैं, जबकि 6,611 पद रिक्त हैं। वहीं गैर-शैक्षणिक कर्मियों के स्वीकृत पदों में भी बड़ी कमी बनी हुई है और हजारों पद खाली पड़े हैं।
सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करना है, ताकि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षण एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिक्त पदों को भरने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भर्ती अभियान न केवल उच्च शिक्षा संस्थानों में मानव संसाधन की कमी को दूर करेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।