NEWS PR डेस्क: पटना, 05 जून। मेट्रो परियोजना तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। राजधानी में निर्माणाधीन कई भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का सिविल कार्य अब अंतिम चरण में पहुंचने लगा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सात प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशनों का करीब 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
इन स्टेशनों में राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना यूनिवर्सिटी, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन परिसरों को आधुनिक और यात्री सुविधाओं से लैस बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तेजी से काम किया जा रहा है।
पटना यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन पर सीढ़ियों के निर्माण, कॉनकोर्स लेवल पर ग्रेनाइट फिक्सिंग और अन्य फिनिशिंग कार्य जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी भूमिगत स्टेशनों का निर्माण नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं, भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक की मेट्रो लाइन और मलाही पकड़ी स्टेशन का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इस सेक्शन को परिचालन की अंतिम मंजूरी भी मिल गई है। अब परियोजना को उद्घाटन के लिए केंद्र और राज्य सरकार से औपचारिक निर्देशों का इंतजार है।
दूसरी ओर, पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को शहर का प्रमुख इंटरचेंज हब बनाने की तैयारी चल रही है। पटना जंक्शन गोलंबर के पास जल्द ही बैरिकेडिंग और गहरी खुदाई का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए एक नई टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) जून के अंत तक तैनात की जाएगी।
योजना के तहत पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को पुराने दूध मार्केट और बुद्ध स्मृति पार्क क्षेत्र से एंट्री और एग्जिट प्वाइंट के जरिए जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
मेट्रो परियोजना में मीठापुर क्षेत्र भी महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। यहां अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक में परिवर्तित होगा। इसके लिए आवश्यक संरचनात्मक ढांचा पहले ही तैयार किया जा चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए सभी निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद पटना के लाखों लोगों को जाम से राहत मिलने के साथ-साथ तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।