NEWS PR डेस्क,: बिहार विधान परिषद का 213वां सत्र शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पांच दिनों तक चले इस सत्र में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और सदन ने कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को भी पूरा किया। सत्र के समापन पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदन की कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए सदस्यों के सहयोग की सराहना की।।

सभापति ने कहा कि पूरा सत्र शांतिपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान सदस्यों ने प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 213वें सत्र के दौरान कुल 5 बैठकें आयोजित की गईं,
उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान 262 अल्पसूचित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें 240 प्रश्न स्वीकार किए गए और 12 प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए। वहीं, 333 तारांकित प्रश्नों में से 310 स्वीकार किए गए, जबकि 24 प्रश्नों के उत्तर सदन में प्रस्तुत किए गए।
इसी तरह 69 ध्यानाकर्षण सूचनाओं में से 30 स्वीकार की गईं और 11 पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया। शून्यकाल के लिए 59 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जबकि 75 निवेदन में से 74 स्वीकार किए गए।
सभापति ने बताया कि ई-विधान प्रणाली के माध्यम से 340 तारांकित और 265 अल्पसूचित प्रश्न प्राप्त हुए। इनमें से 316 तारांकित और 241 अल्पसूचित प्रश्न संबंधित विभागों को भेजे गए। विभागों की ओर से 209 तारांकित और 146 अल्पसूचित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि सदस्यों ने अपनी संसदीय जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए जनहित और जनसमस्याओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से सदन में उठाया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत हुई।
सत्र में 21 महत्वपूर्ण विधेयक पारित
213वें सत्र के दौरान बिहार विधान परिषद ने कुल 21 महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, बिहार नगर विकास विधेयक, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक और बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक प्रमुख रहे।
इसके अलावा बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक समेत कई अन्य विधेयकों को भी सदन की मंजूरी मिली।
