NEWS PR डेस्क:जगदीशपुर। 1857 के महानायक वीर कुंवर सिंह की धरती एक बार फिर गौरवान्वित हुई है। उनके वंशज कुंवर अभिजीत सिंह (अंशी सिंह) और उनकी बेटी पलक सिंह ने निशानेबाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक साथ पदक जीतकर न केवल जगदीशपुर, बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है।

पलक सिंह ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक, 25 मीटर स्पोर्ट पिस्टल में रजत पदक तथा 10 मीटर वूमेन पिस्टल में रजत पदक अपने नाम किया। वहीं उनके पिता कुंवर अभिजीत सिंह ने 10 मीटर मेन पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

पलक सिंह इससे पहले दिसंबर 2025 में आयोजित नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी हैं। वहीं उनके पिता कुंवर अभिजीत सिंह वर्ष 2003 में दिल्ली स्टेट राइफल शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

कुंवर अभिजीत सिंह ने बताया कि निशानेबाजी ऐसा खेल है, जिसमें शारीरिक ताकत से अधिक मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि वह पिछले वर्ष मार्च से अपनी बेटी को घर पर ही नियमित प्रशिक्षण दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी उम्मीद नहीं थी कि केवल 15 महीने की मेहनत में उनकी बेटी राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई करने के साथ अब तक पांच पदक अपने नाम कर लेगी। उनका सपना है कि पलक भारतीय टीम में जगह बनाए और भविष्य में ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीते।
वहीं पलक सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देते हुए कहा कि वह पढ़ाई के साथ सुबह और शाम नियमित अभ्यास करती हैं। उनका सबसे बड़ा लक्ष्य अपने पिता का सपना पूरा करना और ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
हाल ही में बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा भी पलक सिंह के घर पहुंचे थे। उन्होंने पलक को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और 25 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की थी।
पदक जीतकर लौटने के बाद पलक सिंह और कुंवर अभिजीत सिंह को बधाई देने के लिए लगातार लोग उनके आवास पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों और समाज के विभिन्न संगठनों ने दोनों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट
