जब पेड़ ने काटा केक: विश्व पर्यावरण दिवस पर अनोखी पहल ने जीता लोगों का दिल

Rashmi Tiwari

गया: क्या किसी पेड़ का जन्मदिन भी मनाया जा सकता है? विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गयाजी के प्रभावती अस्पताल परिसर में ऐसा ही अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला, जहां एक बरगद के पेड़ का 10वां जन्मदिन केक काटकर धूमधाम से मनाया गया। इस अनूठे आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का संदेश भी दिया।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की उपस्थिति में महावीर सोसायटी द्वारा लगाए गए बरगद के वृक्ष का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान केक काटा गया तथा बच्चों, स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों के बीच टॉफियां वितरित की गईं। आयोजन का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि जिस तरह हम अपने परिवार के सदस्यों का जन्मदिन मनाते हैं, उसी तरह पेड़ों को भी जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।

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जानकारी के अनुसार, दस वर्ष पूर्व महावीर सोसायटी के सदस्यों, बुजुर्गों और बच्चों ने मिलकर इस बरगद के पौधे का रोपण किया था। वर्षों की देखभाल और संरक्षण के बाद आज वह पौधा एक विशाल और घने वृक्ष का रूप ले चुका है। इस खास अवसर पर पेड़ को रंग-बिरंगे गुब्बारों और रिबनों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर उत्सव के माहौल में रंग गया।
वृक्ष की छांव तले आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। केक काटने के दौरान तालियों की गूंज से माहौल उत्साहपूर्ण हो उठा। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस पेड़ के नीचे मिलने वाली शुद्ध हवा और मानसिक शांति प्रकृति के महत्व को दर्शाती है।
अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने और अपने घर, मोहल्ले एवं शहर में पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की एक विशेष बात यह भी रही कि इसी दिन वहां मौजूद अंश नामक एक बच्चे का भी जन्मदिन था। आयोजनकर्ताओं ने इसे प्रकृति और मानव जीवन के अनूठे संगम का प्रतीक बताते हुए ‘दोनों हाथों में लड्डू’ जैसी खुशी बताया।
इस अवसर पर श्री महावीर सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशकों ने कहा कि यदि पौधों को संतान की तरह स्नेह और संरक्षण दिया जाए, तो वे बड़े होकर ऑक्सीजन, फल और शीतल छाया के रूप में मानव जीवन को अमूल्य उपहार देते हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले लगाया गया यह पौधा आज लोगों को गर्मी से राहत और स्वच्छ वातावरण प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अपने पूर्वजों, बच्चों और जीवन के विशेष अवसरों की स्मृति में पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अनूठी पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और हरित भविष्य की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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