NEWS PR डेस्क: पटना, 6 जून। राजधानी पटना में निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए अधिकारियों और संवेदक को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने तकनीकी टीम और विभागीय अभियंताओं के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (करबिगहिया मार्ग) को जोड़ने वाले पहुंच पथ एवं दोनों ओर बन रही सर्विस लेन के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए कार्य को समय पर पूरा किया जाए।
करीब 292.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना की कुल लंबाई 1730 मीटर है। यह फ्लाईओवर आर ब्लॉक गोलंबर, जीपीओ गोलंबर, मीठापुर गोलंबर और करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग तक जाएगी। इसके निर्माण से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार परियोजना की नींव का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और एप्रोच रोड का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में जीपीओ गोलंबर से पुराने बस स्टैंड तक का निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पूरी परियोजना दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
सचिव ने मानसून को देखते हुए अधिकारियों को संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि बारिश के दौरान निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पटना की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और जाममुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फ्लाईओवर के निर्माण से करबिगहिया स्टेशन के आसपास लगने वाले रोजाना के ट्रैफिक जाम से लोगों को स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से आने वाले भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
परियोजना पूरी होने के बाद मीठापुर गोलंबर का सीधा संपर्क एनएच-30 बाईपास से हो जाएगा, जिससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों की आवाजाही अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगी।