बिहार संग्रहालय के समर कैंप में बच्चों की रचनात्मकता को मिला नया आयाम, 300 बच्चों ने लिया हिस्सा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 07 जून। बिहार संग्रहालय की ओर से आयोजित समर कैंप का रविवार को समापन हो गया। इस अवसर पर बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के बच्चों में सृजनशीलता और रचनात्मक सोच विकसित करना बिहार संग्रहालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों में कल्पनाशीलता और कला के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से संग्रहालय में बाल दीर्घा तैयार की गई है, जहां बच्चे अपनी रुचि के अनुसार कलाकृतियों को देख और समझ सकते हैं।

बिहार संग्रहालय में 2 जून से 7 जून तक आयोजित इस समर कैंप में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 300 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के दौरान बच्चों को टेराकोटा, कहानी लेखन और मास्क मेकिंग जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिरुचि को विकसित करना था। बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

कार्यक्रम में बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि कैंप में शामिल बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वर्ग 9 से 12 तक के बच्चों को महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने सम्मानित किया, जबकि वर्ग 5 से 8 तक के बच्चों को पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास, डॉ. सुनील कुमार झा, डॉ. रणवीर सिंह राजपूत और कलाकार मनीषा झा ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

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पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास ने कहा कि कला के प्रति बच्चों में रुचि पैदा करने के लिए बिहार संग्रहालय का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी कला, संस्कृति और परंपरा से जुड़ सके।

समापन समारोह में बच्चों ने अपने अनुभव भी साझा किए। कहानी लेखन कार्यशाला में शामिल नवनीति शर्मा ने बताया कि कार्यशाला से उन्हें लेखन की नई शैली और विषय को अलग दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इससे कहानी लेखन में काफी मदद मिली और उन्होंने इतिहास तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कहानियां लिखीं।

समर कैंप के दौरान बच्चों ने टेराकोटा कला में मिट्टी से आकर्षक दीये, मूर्तियां और जीव-जंतु तैयार किए। टेराकोटा कला का प्रशिक्षण राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कलाकार श्री मृद प्रसाद ने दिया। वहीं कहानी लेखन कार्यशाला में कथाकार डॉ. ध्रुव कुमार ने बच्चों को रचनात्मक लेखन और लघुकथा लेखन की बारीकियां सिखाईं। मास्क मेकिंग कार्यशाला में बच्चों ने रंग-बिरंगे आकर्षक मास्क तैयार किए, जिसका प्रशिक्षण श्री हेमंत कुमार ने दिया।

समापन समारोह में बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक डॉ. सुनील कुमार झा, डॉ. रणवीर सिंह राजपूत, कलाकार मनीषा झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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