बिहार में सुरक्षा और आवास पर सियासी संग्राम, लालू का सरकार पर बड़ा हमला

सुरक्षा कटौती, सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस और राजद का विरोध—बिहार की राजनीति में बढ़ा टकराव

Rashmi Tiwari

बिहार की राजनीति में एक बार फिर घमासान तेज हो गया है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती किए जाने के फैसले ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं, 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के नोटिस ने भी सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। राजद कार्यकर्ता लगातार राबड़ी आवास के बाहर धरना देकर सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं।


इस बीच रविवार देर रात सिंगापुर से पटना लौटे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सुरक्षा में कटौती को लेकर राज्य सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “सब पागल हो गए हैं। घृणा करते हैं। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, जो करना है करे।”
मीसा भारती का सरकार पर हमला
लालू प्रसाद की बड़ी बेटी और सांसद डॉ. मीसा भारती ने भी सरकार के फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस मिलने पर उन्होंने कहा कि परिवार सरकार द्वारा तय समय सीमा से पहले ही आवास खाली कर देगा। मीसा भारती ने कहा, “15 दिन से पहले हम लोग घर खाली कर देंगे।” वहीं सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद बिहार सरकार को लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के सुरक्षाकर्मियों की कहीं अधिक जरूरत थी, इसलिए उनकी सुरक्षा घटा दी गई।


“जनता ही करेगी लालू-राबड़ी की सुरक्षा”
मीसा भारती ने दावा किया कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे जनता के दिलों में बसते हैं और जनता ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उपलब्ध कराए गए तीन सुरक्षाकर्मियों को भी वह स्वेच्छा से वापस कर देंगी।
राबड़ी आवास पर जारी है विरोध प्रदर्शन
उधर, सुरक्षा में कटौती के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं का धरना लगातार जारी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सरकार राजनीतिक दुर्भावना के तहत विपक्ष के शीर्ष नेताओं को निशाना बना रही है। राजद इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ कदम बताते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने रविवार को अपने नए निजी आवास का निरीक्षण किया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि लालू परिवार जल्द ही 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर सकता है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल सरकारी आवास या सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बन चुका है। सुरक्षा कटौती, सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया और राजद के विरोध प्रदर्शन ने इस पूरे विवाद को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सरकार और राजद के बीच यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है और बिहार की राजनीति में इसका क्या असर देखने को मिलता है।

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