बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश, मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 08 जून। पथ निर्माण विभाग के मंत्री इं. कुमार शैलेन्द्र ने सोमवार को विभागीय सभागार में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग (उत्तर एवं दक्षिण) तथा NHAI के अधिकारियों के साथ राज्य में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत बनाने, निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं पर विशेष रूप से विचार किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और राष्ट्रीय राजमार्गों के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 6,819 किलोमीटर है। इनमें से 5,351 किलोमीटर मार्ग NHAI के अधीन हैं, जबकि शेष 2,714 किलोमीटर पथ निर्माण विभाग के रोड्स विंग के अधीन हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NHAI अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में 1,634 किलोमीटर लंबाई की 41 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर, आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दानापुर-बिहटा-कोइलवर-बक्सर एलिवेटेड कॉरिडोर, पटना रिंग रोड और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।

पटना जिले में 25.08 किलोमीटर लंबी दानापुर-बिहटा एलिवेटेड परियोजना का 58.3 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं मुंगेर से मिर्जाचौकी तक विभिन्न पैकेजों में 93 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जिसे जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

समीक्षा के दौरान गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नए 4-लेन पुल, दीघा-सोनपुर पुल, नए समानांतर विक्रमशिला सेतु और कोसी फूलौत महासेतु की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि महात्मा गांधी सेतु परियोजना में 73 प्रतिशत, दीघा-सोनपुर परियोजना में 14.55 प्रतिशत, विक्रमशिला सेतु में 50.15 प्रतिशत तथा कोसी फूलौत महासेतु में 94.4 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अंतिम चरण में पहुंच चुकी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण जैसी समस्याओं को स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर शीघ्र दूर किया जाए।

उन्होंने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता मानकों से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो परियोजनाएं समयसीमा से पीछे चल रही हैं, उनसे संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मंत्री ने परियोजनाओं की सतत मॉनीटरिंग, निर्माण कार्यों में मैनपावर बढ़ाने और ब्रिज निर्माण स्थलों पर सोलर कैमरा लगाने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने फ्लाई ऐश के स्थान पर नदियों की गाद के उपयोग पर भी जोर दिया और कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा।

बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा, NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी सहित विभागीय अभियंता उपस्थित रहे।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article