NEWS PR डेस्क: सीवान, 16 जून। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर सह जनकल्याण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सीवान जिले के लिए करीब 180 करोड़ रुपये की 38 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। साथ ही जिले में जल्द चीनी मिल स्थापित करने की घोषणा करते हुए जिलाधिकारी को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार सरकार राज्य में कृषि, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीवान में चीनी मिल शुरू होने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सहयोग शिविर में 90 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा
मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक प्राप्त 3 लाख 3 हजार 678 आवेदनों में से 2 लाख 61 हजार 628 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है, जो लगभग 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि किसी आवेदन पर 10 दिनों तक कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा और 30 दिनों तक मामला लंबित रहने पर स्वतः निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

दो वर्षों में 25 लाख गरीब परिवारों को सोलर बिजली
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले दो वर्षों में 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है और राज्य देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में शामिल है।
2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तकएक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, आईटी और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर शिक्षा मिल सके।
उद्योग लगाने वालों को मिलेगा त्वरित लाइसेंस
मुख्यमंत्री ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन करने वाले को 30 दिनों के भीतर लाइसेंस नहीं मिलता है तो 31वें दिन उसे स्वतः लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा। इससे निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सीवान में इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवान शहर को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा और यहां इको-टूरिज्म की संभावनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन स्थापित है और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
लाभुकों को वितरित किए प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अनुग्रह अनुदान सहित विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को सांकेतिक चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है और राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
