NEWS PR डेस्क: पटना, 18 जून। बिहार के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही की बढ़ती शिकायतों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की सुविधा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे और व्यवस्था की हकीकत परखेंगे।
बुधवार को प्रदेश जदयू कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ट्रामा सेंटर नेटवर्क का विस्तार भी कर रही है। मंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में नौ ट्रामा सेंटर परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि हादसों में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे दुर्घटना के बाद मरीजों को जल्द से जल्द नजदीकी ट्रामा सेंटर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जनसुनवाई कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा भी मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि पीएमसीएच में श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए अब चौबीसों घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहारवासियों को हर समय बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
