NEWS PR डेस्क: पटना, 24 जून। बिहार सरकार भूमि सुधार और भूमिहीन परिवारों को अधिकार दिलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने संकेत दिया है कि राज्य में जल्द ही ‘बसेरा-3’ अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को जमीन पर वास्तविक अधिकार दिलाना है, जिन्हें पहले पर्चा तो मिला, लेकिन वर्षों बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका।
मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों की पहचान कर पात्र लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए इंतजार कर रहे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और भूमि संबंधी कई पुरानी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
भूमि सुधार की दिशा में सरकार खासमहल जमीन के मुद्दे पर भी तेजी से काम कर रही है। इसके तहत खासमहल भूमि को फ्रीहोल्ड करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। सरकार जमीन धारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी राय लेगी तथा यह समझने का प्रयास करेगी कि बाजार मूल्य के आधार पर वे कितनी राशि देकर जमीन को फ्रीहोल्ड कराना चाहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि खासमहल जमीन को फ्रीहोल्ड करने का फैसला लागू होने पर वर्षों से लंबित कई भूमि विवादों के समाधान का रास्ता साफ हो सकता है। इससे जमीन धारकों को स्वामित्व संबंधी अधिकार प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
इस बीच राज्य में विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती अभियान भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभाग के अनुसार अब तक 32 करोड़ से अधिक भूमि अभिलेखों की स्कैनिंग पूरी की जा चुकी है। रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से जमीन संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे आम लोगों को सुविधा मिलेगी और भूमि प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
राज्य सरकार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भूमि प्रशासन में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सरकार के इन प्रस्तावित कदमों को बिहार में भूमि सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इन योजनाओं के लागू होने से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा और भूमि विवादों के समाधान में तेजी आएगी।
