टेंडर घोटाला मामले में बड़ा घटनाक्रम, आईएएस संजीव हंस समेत सात आरोपियों के खिलाफ 4000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 24 जून। चर्चित टेंडर घोटाला मामले में जांच कर रही विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए आईएएस अधिकारी संजीव हंस और ठेकेदार रिशु श्री समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। करीब चार हजार पृष्ठों की इस चार्जशीट को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दराद ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि विस्तृत जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों और अन्य प्रमाणों के आधार पर अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।

एसवीयू द्वारा दाखिल आरोप पत्र में आईएएस अधिकारी संजीव हंस और ठेकेदार रिशु श्री के अलावा मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास, उमेश कुमार सिंह, संतोष कुमार और पवन कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि सभी आरोपियों की कथित भूमिका की गहन पड़ताल के बाद ही उनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वित्तीय लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। एजेंसी के अनुसार इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया है, जिसमें दस्तावेजी प्रमाण, गवाहों के बयान, वित्तीय रिकॉर्ड और जांच से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।

एसवीयू का दावा है कि चार्जशीट में उन सभी तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जो जांच के दौरान सामने आए और जो अभियोजन के पक्ष को मजबूती प्रदान करते हैं। लगभग चार हजार पृष्ठों के आरोप पत्र में मामले की पूरी जांच प्रक्रिया और उससे जुड़े साक्ष्यों को विस्तार से दर्ज किया गया है।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन रहेगा। न्यायालय आरोप पत्र का परीक्षण कर संज्ञान लेने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा। कानूनी जानकारों का मानना है कि आरोप पत्र दाखिल होने के साथ ही यह मामला जांच के दायरे से निकलकर न्यायिक प्रक्रिया के निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है।

गौरतलब है कि टेंडर घोटाला मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसकी जांच पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई थी। ऐसे में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article