NEET UG री-एग्जाम फर्जीवाड़ा: EOU ने बनाई 12 सदस्यीय SIT, फर्जी अभ्यर्थियों के घर तक पहुंचेगी जांच

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना,26 जून। बिहार में NEET UG री-एग्जाम में सामने आए फर्जीवाड़े की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 12 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो करेंगे।

EOU के एडीजी डॉ. अमित कुमार जैन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एसआईटी में एक एसपी, पांच डीएसपी और पांच इंस्पेक्टर समेत कुल 12 अधिकारी शामिल किए गए हैं। टीम ने गठन के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने सबसे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से उन अभ्यर्थियों का पूरा विवरण मांगा है, जिनके रोल नंबर का इस्तेमाल कर दूसरे लोग परीक्षा देने पहुंचे थे। पता मिलते ही संबंधित अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। यदि वे जांच में शामिल नहीं होते हैं तो टीम सीधे उनके घर पहुंचकर पूछताछ करेगी।

गौरतलब है कि 21 जून को आयोजित NEET UG री-एग्जाम के दौरान लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया था। जांच के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे नौ सॉल्वर पकड़े गए थे। इसके अलावा अपनी जगह सॉल्वर बैठाने वाले एक मूल अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया गया था।

मामले की जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक सत्यापन का जिम्मा संभाल रही एजेंसी के कुछ कर्मचारियों पर भी सॉल्वर गैंग से मिलीभगत के आरोप हैं। इस मामले में एजेंसी के 18 कर्मचारियों और उनके दो सहयोगियों सहित कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अब एसआईटी गिरफ्तार बायोमैट्रिक स्टाफ, सॉल्वर गैंग और अन्य आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश करेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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