NEWS PR डेस्क: सुपौल जिले में दसवीं मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे शहर में भाईचारे, आपसी विश्वास और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। जुलूस के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) सरथ आर. एस. तथा सुपौल थाना अध्यक्ष रामसेवक रावत के संयुक्त नेतृत्व में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करते रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
मोहर्रम के इस शांतिपूर्ण आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ‘राघव’, जर्नलिस्ट मीडिया काउंसिल के सेक्रेटरी मोहम्मद नजीर आलम, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष जमालुद्दीन साहब, राजा हुसैन, जावेद अख्तर, अल्ताफ राजा, सदाकत हुसैन, सादिक अली, साजिद हुसैन उर्फ चिंटू सहित विभिन्न इमामबाड़ा कमेटियों के सदस्य और शहर के अनेक गणमान्य नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। प्रशासन और आम जनता के सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम रहा कि दसवीं मोहर्रम का जुलूस बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सुपौल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासन की सजगता और जनता की सहभागिता से हर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन शांति, सद्भाव और सम्मान के साथ संपन्न कराया जा सकता है। यह आयोजन जिले की सामाजिक एकता और आपसी विश्वास का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
