NEWS PR डेस्क: पटना, 01 जुलाई। राजधानी पटना को अतिक्रमण मुक्त, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन 1 जुलाई से विशेष अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, पटना नगर निगम और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। यदि अभियान में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पटना में विशेष अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह एक मल्टी एजेंसी अभियान होगा, जिसमें पटना नगर निगम के छह अंचल—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—के अलावा नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत को भी शामिल किया गया है।
अभियान में जिला प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल और विद्युत विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।

हॉटस्पॉट चिन्हित कर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को निर्देश दिया कि नगर निगम, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शहर के अतिक्रमण हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएं। उन्होंने टाउन प्लानर की मदद से पूरे शहरी क्षेत्र का सर्वे कर जोनवार कार्ययोजना तैयार करने तथा अतिक्रमण के स्थायी समाधान के साथ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विकास की योजना बनाने के भी निर्देश दिए।
दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी एफआईआर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया जाएगा, वहां दोबारा कब्जा किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाए। इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में फॉलो-अप टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी। पुनः अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। वहीं, थानाध्यक्षों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विवरण स्टेशन डायरी में दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है।
तकनीक का होगा व्यापक इस्तेमाल
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से नियमित उद्घोषणा और अतिक्रमण करने वालों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
हटाए गए स्थलों पर विकसित होंगी जनसुविधाएं
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित विभाग खाली हुई जमीन को दोबारा कब्जे से बचाने के लिए बोलार्ड लगाकर बैरिकेडिंग करें। साथ ही वहां ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, रिक्रिएशन जोन जैसी जनसुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि सार्वजनिक स्थलों का बेहतर उपयोग हो सके।
सात निश्चय-3 के तहत अभियान
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें संकल्प “सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)” के तहत नागरिकों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है और अतिक्रमण हटाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
32 वेंडिंग जोन होंगे विकसित
बैठक में नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित हैं, जिन पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन वेंडिंग जोन में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आसपास के अव्यवस्थित फुटपाथ दुकानदारों और वेंडरों को सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर इन निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाए।
पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल करेगी निगरानी
विशेष अभियान की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। यह सेल अभियान की शुरुआत से लेकर समाप्ति तक लगातार निगरानी करेगी। जिलाधिकारी स्वयं प्रतिदिन अभियान की समीक्षा करेंगे और प्राप्त फीडबैक के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद सुनिश्चित करें। अतिक्रमण हटाने में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा अवैध पार्किंग और अनधिकृत वेंडिंग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो।
उन्होंने नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 152 (पूर्व की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133) के तहत सार्वजनिक उपद्रव (पब्लिक न्यूसेन्स) हटाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव अनुमंडल पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए भी एक्शन मोड
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में सुगम यातायात जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी, यातायात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय और ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए लगातार एक्शन मोड में रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी अधिकारी परिणाम आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करें और लोगों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभियान को सफल बनाएं।
