NEWS PR डेस्क: पटना, 03 जुलाई। विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) का गुरुवार को पटना के अभिवेशन भवन में भव्य शुभारंभ किया गया। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों के लंबे सफर के बाद अब वीबी-जी राम जी के रूप में नई यात्रा की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि इस नई योजना में कामगारों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। रोजगार के लिए आवेदन करने वाले कामगारों को निर्धारित समय (15 दिन) के भीतर काम नहीं मिलने पर सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी।
श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रथम 30 दिनों के लिए बेरोजगारी भत्ते की दर एक चौथाई तथा शेष वित्तीय वर्ष के लिए आधी निर्धारित की गई है। अकुशल कामगारों को भुगतान की गई बेरोजगारी भत्ता राशि का वहन राज्य सरकार करेगी और इसकी वसूली उत्तरदायी पदाधिकारी एवं अभिकरणों से 30 दिन के भीतर की जाएगी। उन्होंने बताया कि अकुशल मजदूरों का मास्टर रोल बंद होने के बाद मजदूरी का भुगतान 15 दिन में नहीं होने पर बकाया राशि का 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से स्वतः क्षतिपूर्ति देय होगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार मांग आधारित फंडिंग करती थी, जबकि वीबी-जी राम जी में राज्यों की जनसंख्या, प्रति व्यक्ति आय और पिछड़ेपन के आधार पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही प्रत्येक राज्य के लिए निश्चित बजट का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, विकास सूचकांक और संसाधनों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य विकेंद्रीकृत एवं स्थानीय योजनाओं को बेहतर बनाते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना है।

मंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ग्रामीण विकास के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार वीबी-जी राम जी योजना न केवल बिहार बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिक परिवारों के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
उन्होंने बताया कि मनरेगा और वीबी-जी राम जी में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं। मनरेगा में जहां एक वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं नई योजना में अकुशल कामगारों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। मनरेगा में अकुशल मजदूरी की पूरी राशि केंद्र सरकार वहन करती थी, जबकि वीबी-जी राम जी में इस मद में 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नौ महीने के लिए केंद्रांश के रूप में 6,715 करोड़ 83 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसी अवधि के लिए राज्य सरकार ने 4,477 करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत अब तक राज्यभर में 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हुए पौधरोपण का ही परिणाम है कि राज्य का हरित क्षेत्र 9 प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विभाग आने वाले समय में इसे 33 प्रतिशत तक ले जाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अकुशल कामगारों के कल्याण और विकसित बिहार की अवधारणा को समर्पित वीबी-जी राम जी योजना के शुभारंभ पर मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ी पहल है और इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त अनन्या सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर जल-जीवन-हरियाली मिशन के मिशन निदेशक सुमित कुमार, बीआरडीएस के मुख्य कार्यपालन पदाधिकारी संजय कुमार सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
