NEWS PR डेस्क: पटना,06 जुलाई। बिहार कृषि विभाग ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामलों में दो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एक ओर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (पश्चिम) हिमांशु कुमार को जमानत मिलने के बाद दोबारा निलंबित कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर एचडीपीई सिंचाई पाइप योजना में गड़बड़ी के मामले में सेवानिवृत्त जिला कृषि पदाधिकारी ओंकार नाथ सिंह से 24.84 लाख रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया है।
विभागीय आदेश के मुताबिक, हिमांशु कुमार को 18 फरवरी 2026 को विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 23 फरवरी को निलंबित किया गया था।
बाद में विशेष न्यायालय से 14 मई 2026 को जमानत मिलने के पश्चात उन्होंने 15 मई को कृषि विभाग, पटना में योगदान दिया। विभाग ने 29 मई को उनका योगदान स्वीकार किया, लेकिन उसी दिन उन्हें अगले आदेश तक पुनः निलंबित करने का निर्णय लिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त निदेशक (शाखा), पटना प्रमंडल का कार्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा।
इसी क्रम में कृषि विभाग ने पश्चिम चंपारण के तत्कालीन जिला कृषि पदाधिकारी एवं सेवानिवृत्त अधिकारी ओंकार नाथ सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई पूरी कर ली है। विभागीय जांच में वर्ष 2014-15 की एचडीपीई सिंचाई पाइप योजना के तहत 24.84 लाख रुपये के गलत और अनियमित अनुदान भुगतान की पुष्टि हुई।

संयुक्त निदेशक (शाखा), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने पहले आरोप-पत्र जारी कर उनका पक्ष लिया और फिर विभागीय कार्यवाही पूरी की। जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद उनके सेवानिवृत्ति लाभों से 24 लाख 84 हजार 350 रुपये की वसूली का दंड लगाया गया है।
कृषि विभाग के अवर सचिव सतीश कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सक्षम अनुशासनिक प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि सरकारी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
