NEWS PR डेस्क:जमुई जिले में साइबर अपराध की जांच के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के हरला गांव की एक महिला ने साइबर थाना में तैनात एक दरोगा और एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। महिला का आरोप है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खाते के वास्तविक संचालक पर कार्रवाई करने के बजाय उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।

बैंक खाते के दुरुपयोग का आरोप
हरला गांव निवासी पिंकी देवी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके बेटे कृष कुमार के नाम से खुलवाए गए बैंक खाते का कथित रूप से गांव के ही रितिक कुमार ने अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया। परिवार के अनुसार, पिछले लगभग छह महीनों में इस खाते से करीब दो लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। परिवार का दावा है कि खाता खुलवाने के बाद उसका संचालन कृष कुमार नहीं, बल्कि रितिक कुमार करता था।
पुलिस पर रिश्वत और मारपीट के आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि करीब 20 दिन पहले जांच के सिलसिले में साइबर थाना की टीम उनके घर पहुंची थी। उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी, लेकिन कथित मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि साइबर थाना की एक पदाधिकारी के कहने पर एक सिपाही को 10 हजार रुपये दिए गए। इसके बावजूद परिवार से और पैसे की मांग की जाती रही। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पूछताछ के लिए बुलाए गए बड़े बेटे के साथ मारपीट की गई और उसका मोबाइल फोन तथा नकदी भी रख ली गई। परिवार का यह भी दावा है कि आरोपी रितिक कुमार गांव के अन्य लोगों के बैंक खातों का भी कथित रूप से साइबर अपराध में इस्तेमाल कर चुका है।
एसपी ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा कि महिला द्वारा साइबर थाना के एक पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर साइबर थानाध्यक्ष को आवश्यक जांच के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि बैंक खाते का कथित रूप से संचालन करने वाले रितिक कुमार की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी की आम लोगों से अपील
पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, ओटीपी या अन्य बैंकिंग सुविधाएं किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। उन्होंने कहा कि यदि किसी बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध में होता है, तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए बैंकिंग संबंधी दस्तावेज और सुविधाएं पूरी सावधानी के साथ अपने नियंत्रण में रखें।जमुई से हसनैन खान की रिपोर्ट
