NEWS PR डेस्क:बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। राजद के स्थापना दिवस के अवसर पर गया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतरी के पूर्व राजद विधायक रंजीत यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने मांझी के लिए एक विवादित शब्द का इस्तेमाल करते हुए कई राजनीतिक आरोप लगाए। उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सभा में केंद्रीय मंत्री पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए रंजीत यादव ने कहा कि बिहार में एक “शिखंडी” हैं जो हमारे क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री भी हैं। जो यादव समाज को बिहार से भगाने जैसी बातें करते हैं। रंजीत यादव ने यह भी कहा कि जो लोग परिवारवाद का विरोध करते हैं, आज वही अपने बेटा, बेटी, बहू और दामाद को राजनीति में आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।
अपने भाषण के दौरान उन्होंने जीतन राम मांझी से जुड़े एक पुराने विवाद का भी उल्लेख किया और दावा किया कि जब मांझी एक मंदिर गए थे तो कथित तौर पर मंदिर को धोया गया था। साथ ही उन्होंने आर्य समाज और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।
सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया
रंजीत यादव ने कहा कि राजद संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को राजनीतिक पहचान और सम्मान दिलाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इन वर्गों को फिर से हाशिए पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का समर्थन करने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की अपील भी की।
बयान के बाद बढ़ा सियासी विवाद
पूर्व विधायक के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए विवादित शब्द को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।हालांकि, खबर लिखे जाने तक केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
