NEWS PR डेस्क: पटना, 8 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास, शिक्षा, मत्स्य, सड़क, राजस्व और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में AIIMS पटना के विस्तार, सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), भागलपुर विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन और कृषि क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ रुपये की योजनाएं प्रमुख रहीं।
सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट के सोलर प्लांट
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव के तहत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्य के सरकारी एवं अर्धसरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट RESCO मॉडल के तहत स्थापित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित विभागों को डेवलपर्स के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) करने की स्वीकृति दी गई।
कृषि क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए लगभग ₹798.46 करोड़, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए ₹154 करोड़ तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत ₹446.34 करोड़ की योजना को मंजूरी दी।
मनरेगा में सामाजिक अंकेक्षण होगा और मजबूत
ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के सामाजिक अंकेक्षण के लिए सोशल ऑडिट सोसायटी को अधिकृत करने की स्वीकृति दी गई।
बंद मोतीपुर चीनी मिल की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया
गन्ना उद्योग विभाग के प्रस्ताव के अनुसार बंद मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ भूमि वापस लेने के लिए संबंधित न्यायालय के आदेश के आलोक में लगभग ₹63.39 करोड़ के भुगतान को मंजूरी दी गई।
मत्स्य और डेयरी क्षेत्र में बड़े फैसले
राज्य में मत्स्य एवं जलीय कृषि के विकास के लिए बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL) के गठन को स्वीकृति मिली। वहीं डेयरी विकास के तहत बल्क मिल्क कूलर, डेटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाइयों तथा दूध मिलावट जांच मशीनों की स्थापना के लिए परियोजना को मंजूरी दी गई।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और RRTS को गति
नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए CEPT विश्वविद्यालय, अहमदाबाद को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चयनित करने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा पटलिपुत्र, तिरहुत, हरिहरनाथपुर और मगध ग्रीनफील्ड टाउनशिप के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति भी दी गई।
राज्य के चार कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के लिए DPR और AAR तैयार करने हेतु ₹31.59 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई तथा NCRTC को नामित करने का निर्णय लिया गया।
विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन को मंजूरी
पथ निर्माण विभाग के प्रस्ताव के तहत भागलपुर में गंगा नदी पर स्थित विक्रमशिला सेतु पर नए सस्पेंडेड सेतु निर्माण, रेलिंग निर्माण, मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य के लिए लगभग ₹1,262.55 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री निश्चय योजना का विस्तार
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) तक जारी रखने का निर्णय लिया। इसके लिए वर्ष 2026-27 में ₹300 करोड़ के व्यय को स्वीकृति दी गई।
तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय में एम.टेक. पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए 76 नए शिक्षकीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग शिक्षा को परिणाम आधारित बनाने के लिए NITTTR भोपाल को परामर्श एवं प्रशिक्षण एजेंसी नामित किया गया।
निर्वाचन पदाधिकारियों के मानदेय में स्वीकृति
निर्वाचक सूची पुनरीक्षण कार्य में लगे 243 निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों और 1,351 सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के वार्षिक मानदेय भुगतान के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
AIIMS पटना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के तहत AIIMS पटना के विस्तार के लिए 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग ₹348.89 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
केंद्रीय विद्यालयों और सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी
कैबिनेट ने मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं मुंगेर जिले की सिंचवारी जलाशय योजना के लिए लगभग 39.58 एकड़ वन भूमि के उपयोग हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को अंतरविभागीय हस्तांतरण की भी स्वीकृति दी।
इन फैसलों के साथ बिहार सरकार ने ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, परिवहन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है।
