बिहार सरकार ने 30 जून की देर रात बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न विभागों के 427 अधिकारियों का तबादला कर दिया। तबादलों की सूची जारी होते ही बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी समस्या आ गई और वेबसाइट कुछ समय के लिए हैंग हो गई।

यह कार्रवाई राज्य सरकार की वार्षिक प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व में तय व्यवस्था के अनुसार जून माह में विभागीय स्तर पर बड़े पैमाने पर तबादले किए जाते हैं। इस वर्ष भी एनडीए सरकार में यह परंपरा जारी रही।
समाज कल्याण विभाग में सबसे अधिक तबादले
इस बार सबसे ज्यादा तबादले समाज कल्याण विभाग में किए गए, जहां 151 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) का स्थानांतरण हुआ। इसके अलावा कई अन्य विभागों में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों की नई तैनाती की गई।
विभागवार तबादलों का विवरण
समाज कल्याण विभाग: 151 सीडीपीओ, ग्रामीण विकास विभाग: 68 बीडीओ, सहकारिता विभाग: 58 अधिकारी, भवन निर्माण विभाग: 30 अभियंता , स्वास्थ्य विभाग: 3 डॉक्टर एवं नर्सिंग शिक्षण संवर्ग के अधिकारी, श्रम एवं संसाधन विभाग: 117 पदाधिकारी।
पहले भी हुए थे बड़े फेरबदल
इससे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दो चरणों में 150 से अधिक अंचलाधिकारियों (CO) का तबादला किया जा चुका है। प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार जिन विभागों में 30 जून तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, वहां अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाता है। सरकारी परंपरा के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में भी बैक डेट से तबादले की अधिसूचनाएं जारी होने की संभावना रहती है। हर वर्ष की तरह इस बार भी इन बड़े प्रशासनिक फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
