NEWS PR डेस्क: पटना, 8 जुलाई। बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने बुधवार को सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में विभाग की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। विभाग की मंत्री श्रीमती रमा निषाद की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री ने बताया कि विभाग संचालित आवासीय विद्यालयों में TRE-4 के तहत 478 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की मासिक अनुदान राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दी गई है तथा 15 किलोग्राम मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
70वीं BPSC में योजना के 101 लाभुकों ने पाई सफलता
प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत BPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹50 हजार तथा UPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ₹1 लाख की सहायता सीधे DBT के माध्यम से दी जाती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 से योजना का दायरा बढ़ाकर UPSC की अन्य परीक्षाएं, IES, ISS, CAPF, CDS, NDA, अन्य राज्यों की सिविल सेवा, बिहार न्यायिक सेवा, RBI Grade-B, SBI एवं IBPS PO, LIC AAO, SSC CGL तथा रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं को भी शामिल किया गया है। इन परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों को ₹30 हजार से ₹1 लाख तक की सहायता दी जा रही है।

अब तक इस योजना से 9,224 अभ्यर्थी लाभान्वित हो चुके हैं। हाल ही में घोषित 70वीं BPSC परीक्षा के अंतिम परिणाम में योजना के 2,095 लाभार्थियों में से 101 अभ्यर्थियों ने अंतिम सफलता प्राप्त की।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 से छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी कर दी गई है।
नई दरें इस प्रकार हैं—
कक्षा 1 से 4 : ₹600 से बढ़ाकर ₹1,200
कक्षा 5 से 6 : ₹1,200 से बढ़ाकर ₹2,400
कक्षा 7 से 10 : ₹1,800 से बढ़ाकर ₹3,600
छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए : ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 57,16,599 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से 5.37 लाख विद्यार्थियों को लाभ
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 5,37,726 छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिला है।
मेधावी छात्रों को 10 हजार रुपये
मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना एवं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण छात्रों को ₹10,000 की सहायता दी जाती है।
वर्ष 2025-26 में—
अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 1,19,327
पिछड़ा वर्ग के 76,727
विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिला।
38 प्री-एग्जाम ट्रेनिंग सेंटरों में चल रही तैयारी
राज्य के 36 जिलों में संचालित 38 प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों में UPSC, BPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस भर्ती परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है।
नामांकित विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए ₹3,000 की सहायता दी जाती है। कुल 4,560 सीटों के विरुद्ध वर्तमान में 4,100 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के लिए विशेष मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण योजना के तहत CAT, MAT, CLAT, न्यायिक सेवा, NET, GATE, JRF, PhD और M.Phil जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
राज्य में संचालित 10 केंद्रों की 1,200 सीटों के विरुद्ध वर्तमान में 1,025 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री के लिए ₹3,000 की सहायता भी दी जाती है।
कौशल विकास से 5,413 युवाओं को मिला प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, आईटी, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस तथा रिटेल सेक्टर में रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्ष 2017-18 से मार्च 2026 तक 5,413 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य के 9 केंद्रों पर 370 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
छात्रावासों में बढ़ी सुविधाएं
मंत्री ने बताया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर एवं अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से नामांकन कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की मासिक अनुदान राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र को 15 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूं) भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
TRE-4 के तहत 478 शिक्षकों की होगी नियुक्ति
विभाग द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए TRE-4 के तहत 478 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इनमें शामिल हैं—
230 उच्च माध्यमिक शिक्षक (PGT)
129 माध्यमिक शिक्षक (TGT)
103 प्रारंभिक शिक्षक (कक्षा 6-8)
16 प्रधानाध्यापक
इन पदों के लिए विभाग ने अधियाचना भेज दी है।
जल्द शुरू होगी ‘अभ्युदय योजना’
मंत्री रमा निषाद ने विभाग की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ शुरू की जाएगी।
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से JEE, NEET, CLAT, NIFT सहित विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि सरकार अनुमंडल स्तर पर छात्राओं के लिए 520 सीट क्षमता तथा जिला एवं अनुमंडल स्तर पर छात्रों के लिए 720 सीट क्षमता वाले नए आवासीय विद्यालयों के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को ₹50,000 तक का लैपटॉप उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम चल रहा है।
मीडिया के सवालों का दिया जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने विभागीय योजनाओं, शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया, छात्रवृत्ति और आगामी योजनाओं से जुड़े कई प्रश्न पूछे। मंत्री श्रीमती रमा निषाद और अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने सभी सवालों का तथ्यात्मक एवं बिंदुवार उत्तर दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन विभाग की ओर से सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
