NEWS PR डेस्क: पटना, 13 जुलाई। बिहार में आधुनिक और सुनियोजित शहरों के विकास की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) सलाहकार फाउंडेशन को तकनीकी सहायता इकाई (Technical Support Unit) के रूप में चयनित किया है।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐसे आधुनिक शहरी केंद्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां बेहतर आधारभूत संरचना, नियोजित आवास, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से शहरी नियोजन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ संस्था सीईपीटी विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि सीईपीटी देश की अग्रणी संस्थाओं में शामिल है, जिसे शहरी नियोजन, आधारभूत संरचना विकास और सतत् शहरीकरण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। इसके सहयोग से बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। साथ ही परियोजनाओं के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन, तकनीकी परामर्श और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि तकनीकी सहायता इकाई परियोजनाओं के रणनीतिक निरीक्षण, नीतिगत सहयोग, कार्यान्वयन की निगरानी, नियामकीय एवं संस्थागत ढांचे को मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी और विकास कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होने से राज्य में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्रों का निर्माण होगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, उद्योग, व्यापार, आवास और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे। उनका कहना था कि यह पहल क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति देने के साथ-साथ बिहार की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का आधार भी बनेगी।
मंत्री ने विश्वास जताया कि सीईपीटी विश्वविद्यालय की तकनीकी विशेषज्ञता और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से बिहार में समावेशी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख शहरी विकास के लक्ष्य को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नए शहर बसाना नहीं, बल्कि ऐसे शहरी केंद्र विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोजगार, आवास, आधारभूत सुविधाओं और आर्थिक विकास के नए अवसर उपलब्ध करा सकें।
