NEWS PR डेस्क: बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में बुधवार से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह से सत्र 2026-30 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। सरकार का उद्देश्य उन प्रखंडों तक स्नातक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है, जहां अब तक डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
छह विषयों में शुरू होगी स्नातक की पढ़ाई
उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि पहले शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुरुआती चरण में अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषयों में स्नातक की पढ़ाई शुरू होगी। इन विषयों के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी है, जबकि प्रधानाचार्यों की नियुक्ति भी पहले ही की जा चुकी है।
आगे 16 विषयों तक होगा विस्तार
उन्होंने बताया कि भविष्य में इन महाविद्यालयों में आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स संकाय के कुल 16 विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। प्रत्येक कॉलेज में प्रधानाचार्य सहित 32 सहायक प्राध्यापकों और 12 शिक्षकेतर कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं।
सभी प्रखंडों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने की पहल
बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ योजना के अंतर्गत सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और छात्राओं को उनके घर के आसपास ही उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
फिलहाल राज्य के 534 प्रखंडों में से 209 प्रखंडों में कोई डिग्री कॉलेज नहीं था। बाद में तीन और प्रखंडों को शामिल किए जाने के बाद नए कॉलेजों की संख्या बढ़कर 211 हो गई।
अस्थायी भवनों से होगा संचालन
स्थायी भवन बनने तक इन सभी नए महाविद्यालयों का संचालन चयनित प्लस-टू और बुनियादी विद्यालयों के भवनों से किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक कॉलेज के लिए 50 लाख रुपये उपलब्ध कराए हैं, जिससे फर्नीचर, कक्षाएं, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। गौरतलब है कि इन महाविद्यालयों में पढ़ाई 1 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों के कारण इसकी शुरुआत अब बुधवार से की जा रही है।
