जंतर-मंतर पर CJP का संसद मार्च: प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, AISA के तीनों छात्रों का आमरण अनशन खत्म

Amit Singh
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नई दिल्ली, 20 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग की और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या 20 से 25 हजार बताई जा रही है।

CJP का संसद मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।

इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें कोई नहीं रोक सकता और संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।

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उधर, जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र नेताओं की भूख हड़ताल समाप्त हो गई। अभिनेता शबाना आजमी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया। तीनों छात्र नेता पिछले 23 दिनों से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ अनशन पर बैठे थे।

CJP ने अपने आंदोलन के केंद्र में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें NEET परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग शामिल है। इसके अलावा पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। तीसरा प्रमुख मुद्दा देश में बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में हो रही देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल हैं।

इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट जारी कर कहा कि वह 20 जुलाई को अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे, या उन्हें और CJP नेतृत्व को संसद के प्रवेश द्वार तक पहुंचने दिया जाए, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्वास्थ्य कारणों से वह वहां नहीं पहुंच सके, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल आकर यही आश्वासन दें।

जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। वहीं, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।

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