NEWS PR डेस्क:सासाराम: रोहतास जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण से जुड़े एक मामले में करीब छह वर्ष बाद अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने कॉरपोरेशन बैंक (वर्तमान यूनियन बैंक) के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कृष्णा कुमार और बैंक के जोनल महाप्रबंधक को परिवादी किसान को 30 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि संबंधित अधिकारी 60 दिनों के भीतर यह राशि अदा करें। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया जाता है, तो वास्तविक भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
KCC ऋण के लिए किया था आवेदन
मामला रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के सोनी गांव निवासी किसान शिव शंकर तिवारी से जुड़ा है। उन्होंने खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण लेने के उद्देश्य से सासाराम के कचहरी स्थित कॉरपोरेशन बैंक (अब यूनियन बैंक) शाखा में आवेदन किया था। परिवादी के अनुसार, बैंक के निर्देश पर उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए और विभिन्न शुल्कों के रूप में 7,560 रुपये भी बैंक में जमा कराए। इसके बावजूद उन्हें ऋण स्वीकृत नहीं किया गया।
रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, दस्तावेजों की जांच और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने ऋण स्वीकृत करने के बदले 40 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की। किसान का आरोप है कि राशि देने से इनकार करने पर ऋण प्रक्रिया करीब दो वर्षों तक लंबित रखी गई, जिससे उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
2019 में आयोग पहुंचा मामला
बैंक की कार्यशैली से परेशान होकर किसान ने वर्ष 2019 में रोहतास जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की लंबी सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आयोग ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया।
आयोग ने अपने आदेश में किसान को हुई मानसिक, आर्थिक और शारीरिक क्षति के साथ-साथ वाद व्यय के मद में एकमुश्त 30 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। साथ ही आदेश का पालन 60 दिनों के भीतर करने को कहा गया है। समय सीमा के बाद भुगतान होने पर 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा।सासारामसे दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट
