“लक्ष्य तय करें, तभी मिलेगी सफलता”— पूर्णिया में अरुणिमा सिन्हा का प्रेरक संदेश

Rashmi Tiwari
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विद्यालय पूर्णिया के प्रतिष्ठित विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा में मंगलवार को विद्यालय की स्थापना के 30 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि विश्वविख्यात पर्वतारोही एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत अरुणिमा सिन्हा रहीं। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों से कहा कि “अपने जीवन का लक्ष्य (एवरेस्ट) निर्धारित कीजिए। बिना लक्ष्य तय किए सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। जीवन में आने वाली कठिनाइयों और बाधाओं से कभी घबराना नहीं चाहिए।”उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2011 में एक दर्दनाक रेल दुर्घटना में अपना एक पैर खो देने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। कृत्रिम पैर के सहारे कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर वर्ष 2013 में माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर उन्होंने इतिहास रचा तथा विश्व की प्रथम दिव्यांग महिला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच के बल पर असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। उनका प्रेरणादायी उद्बोधन विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों के लिए जीवनभर स्मरणीय बन गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं विद्यालय गीत के साथ हुआ। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने बिहार गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद विद्यालय की पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित 10 मिनट की वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) फिल्म प्रदर्शित की गई। इस वृत्तचित्र में विद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, सामाजिक तथा राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों, विकास यात्रा एवं गौरवपूर्ण इतिहास का प्रभावशाली चित्रण किया गया। उपस्थित सभी अतिथियों एवं दर्शकों ने वृत्तचित्र की मुक्त कंठ से सराहना की।समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में स्थापित अत्याधुनिक मौसम विज्ञान प्रयोगशाला (वेदर लैब) का उद्घाटन डॉ. राकेश कुमार सिंह, नैनो वैज्ञानिक एवं आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना स्थित नैनो विज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र के अध्यक्ष द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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इस अवसर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के सीसीडीसी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भी अपने उद्बोधन में विद्यालय की 30 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्या विहार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संस्कार एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने बैंड प्रदर्शन, रवीन्द्र संगीत, दशावतार स्तुति, “ग्लिम्प्सेस ऑफ बिहार” सहित अनेक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनकी उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहना की। पूरे सभागार में उत्साह, गर्व और प्रेरणा का वातावरण बना रहा।विद्यालय के सचिव श्री राजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि विद्या विहार की 30 वर्षों की यात्रा उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति विद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

विद्यालय के निदेशक आर. के. पाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, विकास यात्रा एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं व्यक्तित्व विकास का समन्वय ही विद्या विहार की सबसे बड़ी विशेषता है।विद्यालय के प्रधानाचार्य निखिल रंजन ने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम एवं उत्कृष्ट चरित्र निर्माण का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना है।समारोह में कोषाध्यक्ष डॉ. पी. सी. झा, न्यासी ब्रजेश चंद्र मिश्रा, डॉ. वी. सी. राय, पल्लवी, कात्यायनी, आशुतोष चंद्र मिश्रा, विद्यालय प्रशासिका सुप्रिया मिश्रा, प्रीति पांडेय, रीता मिश्रा, सी. के. झा, प्रशांत शंकर, डी. एन. चौधरी, गोपाल झा, गुरूचरण सिंह तथा दीक्षित ठाकुर सहित विद्यालय परिवार के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

समारोह में शिक्षा, प्रशासन एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, समाजसेवियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने समारोह में सहभागिता कर विद्यालय परिवार को 30वीं स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ।वर्ष 1996 में स्थापित विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल ने तीन दशकों की अपनी गौरवशाली यात्रा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, चरित्र निर्माण, उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तथा राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के माध्यम से बिहार के अग्रणी आवासीय विद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। स्थापना दिवस का यह भव्य समारोह विद्यालय की समृद्ध विरासत, उत्कृष्ट उपलब्धियों एवं उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का सशक्त प्रतीक बन गया।

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