ग्रामीण रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बिहार ने उठाए अहम मुद्दे
बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी मंत्री विजय चौधरी ने राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि कार्यों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी ₹413 और मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी ₹255 के बीच बड़ा अंतर है, जिसे दूर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस अंतर को खत्म करने पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
फंड आवंटन पर जोर
विजय चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य के लिए निधि आवंटन करते समय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि फंड का वितरण इन आधारों पर हो। जनसंख्या,जनसंख्या घनत्व ,प्रति व्यक्ति आय। साथ ही उन्होंने पारदर्शी नॉरमेटिव एलोकेशन की व्यवस्था लागू करने की मांग की।बैठक में बिहार की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि मनरेगा के लंबित भुगतान को पूर्व व्यवस्था के तहत मान्य रखा जाए। सामग्री मद में बकाया राशि जल्द जारी की जाए। राज्य की जरूरतों के अनुसार अनुमेय कार्यों के चयन की स्वतंत्रता दी जाए। एसएनए स्पर्श मॉड्यूल को नई योजना के साथ लागू किया जाए।
केंद्र सरकार का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर के राज्यों के लिए ₹17,444 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है, जिसमें पिछले वर्ष के बकाया भी शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए जॉब कार्ड बनाए जाएं। मजदूरों को समय पर मजदूरी मिले। लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाए। विजय चौधरी ने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार मनरेगा की लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करेगी। नई वीबी-जी राम जी योजना को समय पर लागू करेगी। ग्रामीण रोजगार को बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
शिवराज चौहान की बैठक में बिहार की बड़ी मांग—मजदूरी अंतर दूर हो
Bihar raises important voice in the interest of rural laborers