NEWS PR डेस्क : NEWS PR डेस्क : 27 दिनों से जारी भूख हड़ताल आखिरकार गुरुवार देर रात खत्म हो गई। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार की ओर से तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

शुक्रवार सुबह जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। वार्ता के दौरान उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
वांगचुक के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर नए मामले दर्ज नहीं करने, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उधर, वांगचुक के अनशन खत्म होने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
