NEWS PR डेस्क: पटना, 24 जुलाई। बिहार में छात्र आंदोलन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पटना सहित कई जिलों में शुक्रवार को भी छात्रों के प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। उधर, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन होने के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है।
लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों और विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने 24 जुलाई से राज्यभर में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी।
पटना में लोकभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। दोनों संगठनों ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बंद को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाने की अपील की है।

आइसा ने 22 जुलाई को ‘ब्लैक डे’ बताते हुए 23 और 24 जुलाई को पूरे राज्य में ‘प्रतिरोध दिवस’ मनाने का भी आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि 22 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज में बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।
इस बीच, गुरुवार को भी विभिन्न स्थानों पर छात्र संगठनों ने प्रदर्शन जारी रखा। खगौल में छात्रों ने नीट पेपर लीक मामले, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरे समय सतर्क रहा और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
वहीं, 22 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में बिहार पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
